ऐ प्रभु...! बस इतनी सी मेरी अरज़ सुन ले
तुझे भूल कर ना जिऊं कभी इतनी सी मेहर कर दे
इतनी ख़ुशी भी ना देना कि किसी के ग़म पर हंसी आ जाए
इतने ग़म भी ना देना कि हम टूट बिखर जाएं
ना देना इतनी ऊँचाई कि जमी पर पांव ना थमे
ना इतना नीचे गिराना कि ख़ुद से भी ना नज़रें मिले
ऐ प्रभु...!
नहीं चाहिए ऐसा ज्ञान मुझको जो अभिमान हो जाए
ना इतना अज्ञानी बनाना जो तुझसे भी अनजान कर जाए
नहीं चाहिए ऐसी शक्ति जिसका निर्बल पर उपयोग करूं
नहीं चाहिए ऐसी चतुराई जो सबको छलने ही लगूँ
ऐ प्रभु...!
ना देना इतनी प्रसिद्धि प्रभु अपने भी पराए लगने लगे
भला ऐसी माया किस काम की जो बुद्धि भ्रष्ट करने लगे
नही चाहिए ऐसा जीवन जहां मित्र भी शत्रु बन बैठे
जहाँ जीवन लगे भारी और मौत अट्टहास करने लगे
ऐ प्रभु...!
#SwetaBarnwal
तुझे भूल कर ना जिऊं कभी इतनी सी मेहर कर दे
इतनी ख़ुशी भी ना देना कि किसी के ग़म पर हंसी आ जाए
इतने ग़म भी ना देना कि हम टूट बिखर जाएं
ना देना इतनी ऊँचाई कि जमी पर पांव ना थमे
ना इतना नीचे गिराना कि ख़ुद से भी ना नज़रें मिले
ऐ प्रभु...!
नहीं चाहिए ऐसा ज्ञान मुझको जो अभिमान हो जाए
ना इतना अज्ञानी बनाना जो तुझसे भी अनजान कर जाए
नहीं चाहिए ऐसी शक्ति जिसका निर्बल पर उपयोग करूं
नहीं चाहिए ऐसी चतुराई जो सबको छलने ही लगूँ
ऐ प्रभु...!
ना देना इतनी प्रसिद्धि प्रभु अपने भी पराए लगने लगे
भला ऐसी माया किस काम की जो बुद्धि भ्रष्ट करने लगे
नही चाहिए ऐसा जीवन जहां मित्र भी शत्रु बन बैठे
जहाँ जीवन लगे भारी और मौत अट्टहास करने लगे
ऐ प्रभु...!
#SwetaBarnwal
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