Monday, 6 May 2019

मुस्कुराहट...

वक़्त कट ही जाएगा
यूँ मुस्कुरा कर जीने मे,
कोई रोक सके
हमारे बढ़ते कदम को
कहाँ इतना दम है
गर्दिश-ए-ज़माने मे,
आँधियों से लड़ने का
शौख है दिल में
कोई हमे झुका सके
कहाँ इतना दम है
गम के तूफानों में,
चाहे आएं कैसे भी
दौर इस जीवन में
हम तो वक़्त के
मुसाफ़िर हैं
हर बला को तोड़ कर
आगे बढ़ जाते हैं
आँधियों मे बनाए हैं
हमने घर अपने
सर पर कफ़न बांध
राहों में चले हैं अपने
मुट्ठी में है कैद
सारा जहां अपने
देख ले जो एक बार
मुस्कुरा कर किसी को
जमाना भी झुक जाए
वहां सज़दे मे अपने
है मन मे जोश-ए-जुनून
और दिल मे मोहब्बत भरी
एक पल मे सबको अपना बना ले
ऐसी है कुछ आदत अपनी
हल हो जाए हर मुश्किल
यूँ ही चुटकियों में अपने
मुस्कुरा कर जो देखा
हमने ज़िंदगी को अपने...

#SwetaBarnwal



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