तेरे जयनाद से
जीत के उद्घोष से
हिल उठी धरा
गूंज उठा गगन
तेरा ही जय हो
तेरा विजय हो
हिन्दुत्व की तु आस है
धर्म का तु प्रकाश है
सिंह की दहाड़ तु
मिट्टी की पुकार तु
जीत की मशाल तु
हिंद की आवाज़ तु
आग की धधक है तु
फ़ूलों की महक है तु
भुजाओं का बल है तु
हिंदुस्तान का कल है तु
रुके ना तु झुके ना तु
थके ना तु थमे ना तु
मुड़े ना तु गिरे ना तु
सदा चले बिना थके
हिंद का ख्वाब है तु
दुश्मनों का जवाब तु
जीत का तिलक है तु
गद्दारों की मौत तु
#SwetaBarnwal
जीत के उद्घोष से
हिल उठी धरा
गूंज उठा गगन
तेरा ही जय हो
तेरा विजय हो
हिन्दुत्व की तु आस है
धर्म का तु प्रकाश है
सिंह की दहाड़ तु
मिट्टी की पुकार तु
जीत की मशाल तु
हिंद की आवाज़ तु
आग की धधक है तु
फ़ूलों की महक है तु
भुजाओं का बल है तु
हिंदुस्तान का कल है तु
रुके ना तु झुके ना तु
थके ना तु थमे ना तु
मुड़े ना तु गिरे ना तु
सदा चले बिना थके
हिंद का ख्वाब है तु
दुश्मनों का जवाब तु
जीत का तिलक है तु
गद्दारों की मौत तु
#SwetaBarnwal
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