इस देश की मिट्टी से मोहब्बत हम भी करते हैं
कुछ कर गुज़रने की हसरत हम भी रखते हैं
पड़े जो जरूरत मर मिटने की हिम्मत हम भी रखते हैं
सर दुश्मन के कलम कर दे वो ताकत हम भी रखते हैं
आए जो मुसीबत तो हंस हंस के सहेंगे हम
जज़्बा-ए-जुनून इस दिल में हम भी रखते हैं
ठोकरों में अपने गर्दिश-ए-जमाने को हम भी रखते हैं
अपने वतन की आज़ादी की हसरत हम भी रखते हैं
नज़रें उठी जो किसी की हमारे हिंद पे कभी
उन नज़रों को फोड़ने की चाहत हम भी रखते हैं
दुश्मन हो कोई चाहे सरहद के इस पार या उस पार
उनसे नफ़रत का सैलाब अपने दिल में हम भी रखते हैं
बांध सर पे कफ़न अपने हम सुबह-ओ-शाम चलते हैं
कि वतन पे कुर्बान होने की आरज़ू हम भी रखते हैं...
#SwetaBarnwal
कुछ कर गुज़रने की हसरत हम भी रखते हैं
पड़े जो जरूरत मर मिटने की हिम्मत हम भी रखते हैं
सर दुश्मन के कलम कर दे वो ताकत हम भी रखते हैं
आए जो मुसीबत तो हंस हंस के सहेंगे हम
जज़्बा-ए-जुनून इस दिल में हम भी रखते हैं
ठोकरों में अपने गर्दिश-ए-जमाने को हम भी रखते हैं
अपने वतन की आज़ादी की हसरत हम भी रखते हैं
नज़रें उठी जो किसी की हमारे हिंद पे कभी
उन नज़रों को फोड़ने की चाहत हम भी रखते हैं
दुश्मन हो कोई चाहे सरहद के इस पार या उस पार
उनसे नफ़रत का सैलाब अपने दिल में हम भी रखते हैं
बांध सर पे कफ़न अपने हम सुबह-ओ-शाम चलते हैं
कि वतन पे कुर्बान होने की आरज़ू हम भी रखते हैं...
#SwetaBarnwal
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