Monday, 2 April 2018

भारत बंद

बात बात में भारत बंद कराने वाले,
तब क्यूँ चुप थे
 जब कश्मीर जल रहा था,
 जब भारत बंट रहा था,
 जब प्रतिभा आरक्षण की बलि चढ़ रही थी,
 जब देश में मासूमों के खून की होली हो रही थी,

बात बात में भारत बंद कराने वाले, 
तब क्यूँ चुप थे
 जब संसद पे हमला सरे आम हुआ,
 जब पूरी मुंबई लहूलुहान हो गई थी
 जब ताज होटल धू धू कर रहा था,
 जब अनेकों घोटालों के खुलासे हुए,
 जब सैनिकों का कत्लेआम हुआ,

बात बात में भारत बंद कराने वाले, 
तब क्यूँ चुप थे
 जब एक आतंकवादी के लिए
 आधी रात को देश का न्यायालय खुला,
 भारत माँ के सीने पर बैठ
 जब हिंदुस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए,

बात बात में भारत बंद कराने वाले, 
तब क्यूँ चुप थे
 जब किसान खुदकुशी कर रहे थे,
 मुस्लिम तुष्टिकरण की नीति अपनाई जा रही थी,
 आसाम जल रहा था,  up लूट रहा था,
 अब भी चुप हो जब बंगाल जल रहा है,

बात बात में भारत बंद कराने वाले, 
तब क्यूँ चुप थे
 गर तब कुछ ना बोला, तो बंद करो अब ये रोना 
 बंद करो यूं बात-बात पर भारत बन्दी का ड्रामा 
 अब हम जाग चुके हैं, देशभक्ति की है प्रबल भावना, 
 चाहे जो कर लो, पर अब भारत बंद नहीं होगा... 


#SwetaBarnwal 

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