आ जा रे मेरी गुड़िया
तुझे पलकों मे छुपा लूँ,
बैरन हुई है ये दुनिया
तुझे सीने से लगा लूँ...
हर तरफ़ हैं भेड़िये,
तुझे कैसे मैं बचाऊं,
अपनों की भी नज़रें हैं ओछी,
तुझे कैसे मैं ये समझाऊँ,
चेहरे पर कई चेहरे
लगाए बैठे हैं यहाँ लोग,
कैसे सबकी नज़रों से छुपाऊँ,
बोलो क्या जतन मैं कर जाऊँ..
कौन सी पुजा मैं करूँ,
कौन सी मन्नत का धागा बांध दूँ,
हर बुरी नज़र से जो तुझे बचाए,
बोल मैं ऐसा क्या कर जाऊँ...
अबला नहीं तुझे मैं सबला बना दूँ,
मौत से भी तुझको लड़ना सिखा दूँ,
हर स्पर्श को तू पहचान पाए,
हर मुश्किल से तू टकरा जाए...
आ जा गुड़िया तुझे मैं फौलाद बना दूँ,
माँ हूँ मैं तेरी तुझे लड़ना सीखा दूँ,
इस कदर मैं तुझमें आग भर दूँ,
कुछ इस तरह से मैं तेरी परवरिश कर दूँ...
#SwetaBarnwal
तुझे पलकों मे छुपा लूँ,
बैरन हुई है ये दुनिया
तुझे सीने से लगा लूँ...
हर तरफ़ हैं भेड़िये,
तुझे कैसे मैं बचाऊं,
अपनों की भी नज़रें हैं ओछी,
तुझे कैसे मैं ये समझाऊँ,
चेहरे पर कई चेहरे
लगाए बैठे हैं यहाँ लोग,
कैसे सबकी नज़रों से छुपाऊँ,
बोलो क्या जतन मैं कर जाऊँ..
कौन सी पुजा मैं करूँ,
कौन सी मन्नत का धागा बांध दूँ,
हर बुरी नज़र से जो तुझे बचाए,
बोल मैं ऐसा क्या कर जाऊँ...
अबला नहीं तुझे मैं सबला बना दूँ,
मौत से भी तुझको लड़ना सिखा दूँ,
हर स्पर्श को तू पहचान पाए,
हर मुश्किल से तू टकरा जाए...
आ जा गुड़िया तुझे मैं फौलाद बना दूँ,
माँ हूँ मैं तेरी तुझे लड़ना सीखा दूँ,
इस कदर मैं तुझमें आग भर दूँ,
कुछ इस तरह से मैं तेरी परवरिश कर दूँ...
#SwetaBarnwal
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