Tuesday, 10 April 2018

खूबसूरत अरमां...

छुप छुप कर तुम यूँ देखते हो, 
कभी छुप कर मिलने भी आ जाया करो,
अपनी बातों से दिल धड़काते हो मेरा, 
कभी अहसासों की गर्मी से पिघला जाया करो... 

माना मेरा घर बहुत दूर है तेरे घर से,
एक बार आ कर मेरे दिल को रौशन कर जाया करो,
तेज नज़रों के पहरे से छुपते-छुपाते, 
बस एक बार अपनी झलक दिखला जाया करो... 

खिड़कियाँ और दरवाज़े खुले रखूंगी मैं, 
किसी बहाने तुम अरमानों की सेज़ सजा जाया करो,
चुभ ना जाए कोई काँटा तेरे पांव में, 
मेरी पलकों से दिल में तुम समा जाया करो... 

#SwetaBarnwal 

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