अपनी ज़िद के पक्के तुम भी हो और हम भी हैं,
झुकना तुम भी नहीं चाहते, झुकना मुझे भी नहीं आता,
ऐसा नहीं है कि कोई फ़र्क नहीं पड़ता किसी को,
तन्हाई में रोते तुम भी हो, आँसू हम भी बहाते हैं
ख़ामोशी से खड़े तुम भी हो ख़ामोश हम भी हैं,
आवाज़ तुमने भी ना दी रोका हमने भी नहीं,
मोहब्बत की कसक तुझ मे भी है और मुझमें भी है,
जताया तुमने भी नहीं तो बताया हमने भी नहीं,
किस मोड़ पर जा कर थमेगी ये इश्क़ की दास्तां,
एक दूज़े के बिन अधूरे तुम भी हो अधूरे हम भी हैं,
झुकना तुम भी नहीं चाहते, झुकना मुझे भी नहीं आता,
ऐसा नहीं है कि कोई फ़र्क नहीं पड़ता किसी को,
तन्हाई में रोते तुम भी हो, आँसू हम भी बहाते हैं
ख़ामोशी से खड़े तुम भी हो ख़ामोश हम भी हैं,
आवाज़ तुमने भी ना दी रोका हमने भी नहीं,
मोहब्बत की कसक तुझ मे भी है और मुझमें भी है,
जताया तुमने भी नहीं तो बताया हमने भी नहीं,
किस मोड़ पर जा कर थमेगी ये इश्क़ की दास्तां,
एक दूज़े के बिन अधूरे तुम भी हो अधूरे हम भी हैं,
अपनी ज़िद के पक्के तुम भी हो और हम भी हैं,
झुकना तुम भी नहीं चाहते, झुकना मुझे भी नहीं आता,
#SwetaBarnwal
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