Sunday, 8 April 2018

अंतिम बेला

अब जीवन के इस अंतिम बेला में, 
कैसे कहूँ क्या ख्वाहिश है मेरी, 

कैसे कहूँ, मैं चाहूं तेरा असीम प्यार, 
तेरे ही बाहों में गुज़रे ये पल चार 

आँखों के आगे अंधेरा सा छा रहा है, 
कैसे कहूँ मेरी जीवन बगिया सज़ा दो,

हर सपने जल रहे हर आशाएँ मर रही,
कैसे कहूँ मुझे रंगीन दुनिया दिखा दे,

जानती हूँ अब नहीं है वक़्त मेरे पास,
फ़िर कैसे कहूँ साथ दो वक़्त बिता ले,

पर फ़िर भी जाने से पहले एक बात है कहना, 
ऐ हमदम सदा तुम यूँ ही मुस्कुराते रहना,

मैं रहूँ या ना रहूँ तेरी इस दुनिया में,
मेरी दुआएँ सदा रहेगी तेरे दामन में,

फ़िर से एक बार रौशन तेरा ये जहां होगा,
खुशियाँ होगी वहां जहां तेरा बसेरा होगा,

फ़िर से आशाओं के दीप जलेंगे, 
एक बार फ़िर से रौशन तेरी राहें होंगी

बस अब मेरे जाने की घड़ी है आई, 
एक बार मुस्कुरा कर दे दे मुझको विदाई, 

देखना कहीं ये तेरी आँखें नम ना हो, 
जाते जाते तेरे चेहरे पे कोई गम ना हो.

दे दे मुझे तू बस इतना सा आश्वासन,
मेरे लिए करोगे ना तुम कोई क्रंदन...

#SwetaBarnwal 

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