Saturday, 28 April 2018



आज अपने चाहने वालों के लिए वक़्त नहीं,
कल अपने नहीं रहेंगे तो वक़्त का क्या करोगे...

#SwetaBarnwal

No comments:

ऐ विधाता...!

 ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है...  किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो,  कोई लाखों की किस्मत का माल...