Wednesday, 25 April 2018

तो हम भी इश्क़ मे नाकाम ना होते...

काश वो मेरे दिल की समझ पाते, 
काश ज़ुबां मेरे थम ना जाते,
जज़्बातों को मेरे वो समझ पाते, 
तो हम भी इश्क़ मे नाकाम ना होते... 

काश तेरे संग दो पल बैठ पाती, 
काश अपने दिल की तुझसे कह पाती 
काश कुछ तुम अपनी सुना जाते, 
तो हम भी इश्क़ मे नाकाम ना होते... 

अंधियारी रातों में हम तन्हा ना रहते,
काश विरह की आग मे हम यूँ ना जलते,
काश ख़ुद को हम कुछ समझा पाते,
तो हम भी इश्क़ मे नाकाम ना होते... 

काश तुझसे यूँ मोहब्बत ना हुई होती, 
तेरी बेवफ़ाई हमने देखी ना होती, 
काश मझदार मे हम फंसे ना होते, 
तो हम भी इश्क़ मे नाकाम ना होते... 

काश हम तुमसे कभी मिले ही ना होते,
ना चाहतों के कोई फूल खिले होते,
काश आँखों के आँसुओं को रोक पाते,
तो हम भी इश्क़ मे नाकाम ना होते... 

काश हम साथ प्यार के गीत गा पाते, 
काश तेरे साथ दो कदम चल पाते, 
जो तुम भी निभा जाते अपने किए वादे 
तो हम भी इश्क़ मे नाकाम ना होते... 


#SwetaBarnwal 

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