Saturday, 7 April 2018

ऐ ज़िन्दगी एक बार फिर से तुझ पर ऐतबार करती हूँ...

चलो आज फ़िर से मैं ख़ुद से बेवफ़ाई करती हूँ, 
ऐ ज़िन्दगी एक बार फिर से तुझ पर ऐतबार करती हूँ
शायद इस बार तू सच्ची हो, शायद इस बार तू वफ़ा करे 
ऐ ज़िन्दगी एक बार फिर से तुझ पर ऐतबार करती हूँ... 

करती हूँ फ़िर से माफ़ मैं तेरी सारी गुस्ताखियों को, 
चल एक बार फ़िर से मैं तुझसे प्यार करती हूँ, 
अपनी उन्हीं गलतियों को मैं फ़िर से दुहराती हूँ,
ऐ ज़िन्दगी एक बार फिर से तुझ पर ऐतबार करती हूँ...

चल आज फ़िर मैं सबसे तेरी तारीफ करती हुंँ, 
हर एक से तेरे किए अहसानों का मैं ज़िक्र करती हूँ, 
जो छिना तूने उसकी बड़ी कसक है दिल में, मगर 
ऐ ज़िन्दगी एक बार फिर से तुझ पर ऐतबार करती हूँ...

आज तक तूने जो भी किया, जो भी लिया-दिया मुझे, 
चल आज उसके लिए मैं तेरी शुक्रगुज़ार होती हूँ, 
एक बार आज फ़िर से मैं तुझे हमराज़ मानती हूँ, 
ऐ ज़िन्दगी एक बार फिर से तुझ पर ऐतबार करती हूँ...

मगर अफसोस तेरे दिए दर्द को कभी भूल ना पाऊँगी, 
फिर ना मिले वो ज़िन्दगी ऐसी दुआ कर जाऊँगी, 
यकीनन तेरी दी हुई हर तकलीफ़ मैं हँस के सहती हूँ, 
ऐ ज़िन्दगी एक बार फिर से तुझ पर ऐतबार करती हूँ...



#SwetaBarnwal 

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