ना उम्र का फासला देखा,
ना रस्मों के बंधन को जाना,
ना कोई वादा मांगा तुझसे,
ना ही कोई इरादा रखा,
ना कोई ख्वाहिश रखी,
ना ही कोई उम्मीद है तुझसे,
ना मुकम्मल होने की चाह,
ना मिलन की कोई आस,
बिन सोचे बिन जाने
तेरी बातों पर ऐतबार किया,
तुझे दिल में बिठाया
तुझसे बेइंतहा प्यार किया,
तेरे बढ़ते हाथों को थामा
तुझे अपना सबकुछ माना,
कभी सोचा ना था
तुम इतने संगदिल हो जाओगे,
देख कर मुझको
अनदेखा कर जाओगे,
सब जान कर भी
तुम अनजान बन जाओगे,
मेरे जज़्बातों से खेल
तुम बाज़ीगर बन जाओगे...
#SwetaBarnwal
ना रस्मों के बंधन को जाना,
ना कोई वादा मांगा तुझसे,
ना ही कोई इरादा रखा,
ना कोई ख्वाहिश रखी,
ना ही कोई उम्मीद है तुझसे,
ना मुकम्मल होने की चाह,
ना मिलन की कोई आस,
बिन सोचे बिन जाने
तेरी बातों पर ऐतबार किया,
तुझे दिल में बिठाया
तुझसे बेइंतहा प्यार किया,
तेरे बढ़ते हाथों को थामा
तुझे अपना सबकुछ माना,
कभी सोचा ना था
तुम इतने संगदिल हो जाओगे,
देख कर मुझको
अनदेखा कर जाओगे,
सब जान कर भी
तुम अनजान बन जाओगे,
मेरे जज़्बातों से खेल
तुम बाज़ीगर बन जाओगे...
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