Monday, 30 April 2018

ये ज़िन्दगी है यारों,...! 
यहां सुलझने के लिए उलझना जरूरी है 
यहां निखरने के लिए बिखरना जरूरी है
यहाँ मिलने के लिए बिछड़ना जरूरी है
और जुड़ने के लिए फिर टूटना जरूरी है
ये ज़िन्दगी है यारों..! 

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