मुक़म्मल होने की ख़्वाहिश में,,
हम और भी अधूरे हुए जाते हैं..!!
हम और भी अधूरे हुए जाते हैं..!!
इसलिए तो सच्ची मोहब्बत,
कभी पूरे नहीं किए जाते हैं...!!
कभी पूरे नहीं किए जाते हैं...!!
#SwetaBarnwal
ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है... किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो, कोई लाखों की किस्मत का माल...
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