सोई नहीं इक पल को आँखें
रस्ता देख रही थी तेरा,
हो कर के पल पल बेचैन,
कब होगा तेरा आना,
कैसे पूकारूं तुझ को संवरिया,
कैसे दरश मैं पाऊँ तेरे,
मन होए मेरा ये बेचैन,
हैं काली सी ये रात सुहानी,
नागन बन डस जाए मोहे,
वो बिरहा की रात सजना,
कैसे दूँ आवाज़ मैं तोहे,
कौन विधि अपनाऊँ मैं,
अब कैसे तुझे रिझाऊँ मैं,
तेरे बिन कटती ना ये रात है,
तुझ बिन होती आँखों से बरसात है,
अंग अंग कचोटे मुझको,
तेरी छुअन को तरसे है मन,
रातें अब लंबी लगती है,
तुझ बिन सुनीसुनी लगती है,
अब तो आ जा पिया मोरे,
बस हो जाए दीदार तोरे
ढलने को है ये रात सुहानी,
बस आके सुना जा तू
मधुर मिलन की एक कहानी
यादों ने एक पल भी साथ ना छोड़ा,
मिलन की आस ने उम्मीद ना तोड़ा,
मुमकिन ना है सजना भूल बैठुं मैं
अपने मिलन की वो "हसीन रात"...
#SwetaBarnwal
रस्ता देख रही थी तेरा,
हो कर के पल पल बेचैन,
कब होगा तेरा आना,
कैसे पूकारूं तुझ को संवरिया,
कैसे दरश मैं पाऊँ तेरे,
मन होए मेरा ये बेचैन,
हैं काली सी ये रात सुहानी,
नागन बन डस जाए मोहे,
वो बिरहा की रात सजना,
कैसे दूँ आवाज़ मैं तोहे,
कौन विधि अपनाऊँ मैं,
अब कैसे तुझे रिझाऊँ मैं,
तेरे बिन कटती ना ये रात है,
तुझ बिन होती आँखों से बरसात है,
अंग अंग कचोटे मुझको,
तेरी छुअन को तरसे है मन,
रातें अब लंबी लगती है,
तुझ बिन सुनीसुनी लगती है,
अब तो आ जा पिया मोरे,
बस हो जाए दीदार तोरे
ढलने को है ये रात सुहानी,
बस आके सुना जा तू
मधुर मिलन की एक कहानी
यादों ने एक पल भी साथ ना छोड़ा,
मिलन की आस ने उम्मीद ना तोड़ा,
मुमकिन ना है सजना भूल बैठुं मैं
अपने मिलन की वो "हसीन रात"...
#SwetaBarnwal
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