Sunday, 18 March 2018

चाहत है...

जब से तुझको देखा
हर वक़्त गुनगुनाने की चाहत है,

अपने होठों पे सजा के तुझको 
हर पल प्यार के गीत गाने की चाहत है, 

आँखों से जो तेरे टपके आँसू, 
उसे अपने पलकों पे सजाने की चाहत है 

बहुत याद किया मैंने तुझको, 
अब तेरी यादों में बसने की चाहत है

छाए जो तेरे जीवन में अंधेरा, 
जल कर तुझे रौशन करने की चाहत है

तेरी राहों में यूँ पलकें बिछाए, 
मुझे बस तेरे लौट आने की चाहत है

सज़ा लूँ इस कदर तुझे अपने जिस्म पे, 
बस एक बार तुझमें समाने की चाहत है 

अपने दिल में तेरे इश्क़ का दिया लिए,
एक बार ख़ुद उस लौ में जल जाने की चाहत है...



#SwetaBarnwal 

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