Saturday, 10 March 2018

ऐ माँ...

ऐ माँ 


ऐ माँ आज फ़िर से तू मुझे लोरी सुना दे,
बहुत थक चुका हूँ अपनी गोद में सुला दे...
एक बार फिर मुझे तू मेरा बचपन दिला दे, 
हंसना भूल चुका हूँ, तू मुझे हंसना सीखा दे... 
ऐ माँ फ़िर से मुझे तू अपने आँचल मे छुपा ले 
बड़ी जालिम है ये दुनिया, तू मुझको बचा ले... 
तेरा साया रहे मुझपे रहती दुनिया तलक, 
मैं हूँ एक छोटा सा तारा तू है मेरा फ़लक... 
हर नैया हो पार, चाहे तूफ़ान हो कितने भीष्ण 
तेरी गोद को तरसे हैं ख़ुद राम और कृष्ण... 
ऐ माँ आज फ़िर से तू मुझे लोरी सुना दे,
बहुत थक चुका हूँ अपनी गोद में सुला दे...



#SwetaBarnwal

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