Thursday, 8 March 2018

वो बाजीगर 


कल की कोई सुध नहीं, 
हमने बरसों की मन में ठानी है, 
क्या-क्या राज़ छुपे हैं, 
जाने क्या कल की कहानी है, 
कुछ खुशियाँ हैं कुछ ग़म के 
बीती रात पुरानी है, 
सपनों के ताने बाने हैं, 
कई खट्टे मीठे अफसाने हैं, 
कुछ टूट गए कुछ छूट गए, 
रह गए यादों के फसाने हैं, 
जितनी भी तू कोशिश कर ले,
दामन में तारे भरने की,
होगा वो ही जो वो चाहेगा,
जाने वो क्या मन में ठाने है,
ऊपर बैठा है वो बाजीगर, 
ना जाने क्या करतब दिखाने हैं,
अगले पल की भी खबर नहीं, 
फ़िर क्यूँ पापों की गठरी बांधे हैं... 

#SwetaBarnwal 

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