Wednesday, 14 March 2018

वो पहली मुलाकात...

वो पहली मुलाकात 


याद रहेगी ताउम्र मुझे हमारी वो पहली मुलाकात... 

वो यादों का ताना बाना, वो मंजर था सुहाना, 
सबकी नज़रों से छुपना, वो मिलना मिलाना, 
तेरा पहली बार हाथों को छुना उसे आहिस्ता दबाना, 
शरारती आँखों से चोरी-चोरी तेरा यूँ मुझको देखना, 

याद रहेगी ताउम्र मुझे हमारी वो पहली मुलाकात... 

कहना था तुझसे बहुत कुछ पर होंठ थमे से थे, 
याद रहेगा मुझे तेरा आँखों से चुप चाप कह जाना
तेरी छुअन से मेरी साँसों का तेज हो जाना, 
अचानक किसी आहट से फ़िर घबरा जाना, 

याद रहेगी ताउम्र मुझे हमारी वो पहली मुलाकात... 

ज़ोर से दिल का धड़कना फ़िर नज़रें चुरा जाना, 
मेरे डर को अपने प्यार और विश्वास से तेरा मिटाना, 
तेरा हल्के से अपनी बाहों में मुझको जकड़ना, 
तेरी आँखों में पाक मोहब्बत की झलक दिख गई, 

याद रहेगी ताउम्र मुझे हमारी वो पहली मुलाकात... 

मेरे शाने पे हौले से वो तेरा झुकना, 
मेरी पेशानी पे तेरा वो प्यारा सा चुंबन, 
तेरे पैरों से मेरे पैरों की अनचाही छुअन, 
ख़ास बन गया तेरे साथ गुज़रा वो हर एक लम्हा, 

याद रहेगी ताउम्र मुझे हमारी वो पहली मुलाकात... 

#SwetaBarnwal 

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3 comments:

Unknown said...

O my god ! गजब भावों का संप्रेषण👌👌

Praveen kumar said...

बहुत ही प्यारे भाव पहली मुलाकात के बारे मे


याद रहेगी ताउम्र मुझे वो पहली मुलाकात
वो जुंबा की खामोशी वो नजरों से हुई बात

Anonymous said...

पहली मुलाकात की वो प्यारी सी छुअन...
आ हा हा...
भावों का अद्भुत समावेश...

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