*जलेबी* मात्र मीठी ही नहीं एक महत्वपूर्ण संदेश से परिपूर्ण है ..,
स्वयं कितने भी *उलझे* रहो पर दूसरो को हमेशा *मिठास* दो। ...
#SwetaBarnwal
स्वयं कितने भी *उलझे* रहो पर दूसरो को हमेशा *मिठास* दो। ...
#SwetaBarnwal
ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है... किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो, कोई लाखों की किस्मत का माल...
1 comment:
Good message
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