Saturday, 2 December 2017

*जलेबी* मात्र मीठी ही नहीं एक महत्वपूर्ण संदेश से परिपूर्ण है ..,

स्वयं कितने भी *उलझे* रहो पर दूसरो को हमेशा *मिठास* दो। ...

#SwetaBarnwal 

ऐ विधाता...!

 ऐ विधाता...! ना जाने तू कैसे खेल खिलाता है...  किसी पे अपना सारा प्यार लुटाते हो, और किसी को जीवन भर तरसाते हो,  कोई लाखों की किस्मत का माल...